पंचर की दुकान में बने पुलिसकर्मी, हवा भरवाने पहुंचा हत्यारा तो दबोचा!
महिला प्रधान आरक्षक की हत्या के बाद एक साल से फरार था पति, 1300 किमी दूर महाराष्ट्र में सीधी पुलिस ने बिछाया जाल
सीधी जिले मे पदस्त महिला प्रधान आरक्षक सविता साकेत की हत्या के मामले में करीब एक साल से फरार चल रहे आरोपी पति को सीधी पुलिस ने महाराष्ट्र के राजगढ़ जिले से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने ऐसी रणनीति बनाई कि उसे पुलिस की मौजूदगी की भनक तक नहीं लगी। पुलिस टीम के सदस्य हुलिया बदलकर पंचर की दुकान के कर्मचारी और संचालक बन गए और कई घंटे तक आरोपी के आने का इंतजार करते रहे। जैसे ही आरोपी रोज की तरह वाहन में हवा चेक करवाने दुकान पर पहुंचा, पुलिस ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।
उस गिरफ्तार आरोपी की पहचान वीरेन्द्र साकेत उर्फ लाला पिता रामनाथ साकेत, उम्र 47 वर्ष, निवासी ग्राम मवई, थाना चुरहट, जिला सीधी के रूप में हुई है। जहा आरोपी पर पुलिस अधीक्षक सीधी द्वारा 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
पुलिस लाइन के G-7 आवास में हुई थी हत्या
कोतवाली पुलिस के अनुसार, 15 सितंबर 2025 की रात थाना कोतवाली क्षेत्र स्थित पुलिस लाइन के आवास क्रमांक G-7 में महिला प्रधान आरक्षक सविता साकेत की हत्या की सूचना मिली थी। मृतका की पुत्री की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
इस जांच में सामने आया कि मृतका और उसके पति वीरेन्द्र साकेत के बीच पिछले कुछ वर्षों से पारिवारिक विवाद चल रहा था। उस घटना वाली रात भी दोनों के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद सविता घर के कमरे में मृत अवस्था में मिली थीं। घटना के बाद आरोपी पति फरार हो गया था।
1300 किलोमीटर दूर महाराष्ट्र में मिला सुराग
इस गंभीर मामले में पुलिस आरोपी की लगातार तलाश कर रही थी। जहा तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और अन्य माध्यमों से उसकी जानकारी जुटाई गई। पुलिस टीमों ने गुजरात, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी दबिश दी।
आखिरकार कोतवाली पुलिस को पता चला कि आरोपी महाराष्ट्र के राजगढ़ जिले के खिरखिनदीवाड़ी स्थित इंडस्ट्रियल एरिया की एक कंपनी में ड्राइवरी कर रहा है। जहा वह करीब 1300 किलोमीटर दूर अपना ठिकाना बनाकर रह रहा था।
पंचर की दुकान पर पुलिस ने बिछाया जाल
वही पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी प्रतिदिन वाहन की हवा चेक करवाने और पंचर संबंधी काम के लिए एक स्थानीय दुकान पर आता है। वही इसी जानकारी के आधार पर थाना प्रभारी कोतवाली उनि दिव्य प्रकाश त्रिपाठी के नेतृत्व में विशेष योजना बनाई गई।
जहा पुलिसकर्मियों ने अपना हुलिया बदलकर पंचर की दुकान में कर्मचारी और संचालक बनकर काम करना शुरू कर दिया। इसके बाद टीम ने कई घंटे तक दुकान पर मौजूद रही और आरोपी के आने का इंतजार करती रही।
वही रोज की तरह आरोपी वाहन लेकर दुकान पर पहुंचा। उसे जरा भी अंदाजा नहीं था कि दुकान पर काम करने वाले लोग पुलिसकर्मी हैं। सही समय मिलते ही टीम ने चारों ओर से घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया।
इस गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से पुलिस ने उसका पुलिस रिमांड प्राप्त किया है। मामले में आगे की विवेचना और वैधानिक कार्रवाई जारी है।