बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के उप संचालक वर्मा पर वित्तीय अनियमितताओं और अवैध गतिविधियों के आरोप, जांच तय
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के उप संचालक पी.के. वर्मा पर पद का दुरुपयोग कर नियम विरुद्ध कार्य करने और शासकीय राशि के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगे हैं। इस संबंध में एक विस्तृत शिकायत प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख, मध्यप्रदेश को सौंपी गई थी। शिकायतकर्ता सामाजिक कार्यकर्ता सुशील लेवी हैं, जिन्होंने कई बिंदुओं पर वित्तीय अनियमितताओं, अवैध खनन और निजी लाभ के लिए सरकारी संसाधनों के उपयोग के आरोप लगाए हैं।
शिकायत के अनुसार, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में विकास निधि मद के तहत लगभग 16 करोड़ रुपये का बजट है, जिसमें से स्थानांतरण के बाद शेष 4 से 5 करोड़ रुपये का कथित रूप से अनियमित तरीके से व्यय किया गया। आरोप है कि एन.एच. इंडस्ट्रीज और महालक्ष्मी ट्रेडर्स जैसी फर्मों के नाम पर काल्पनिक बिल पास कर शासकीय राशि का गबन किया गया। इन फर्मों के संचालकों के उप संचालक वर्मा से पारिवारिक और निजी संबंध होने का भी उल्लेख किया गया है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि एक निजी बोलेरो वाहन को बिना किसी वैध अनुबंध के शासकीय कार्य में दर्शाकर किराया और डीजल खर्च के रूप में हर माह हजारों रुपये आहरित किए गए। इसके अलावा, निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाले गौण खनिजों के लिए बिना रॉयल्टी और बिना ट्रांजिट परमिट के बिल पास किए जाने का आरोप है, जो मध्यप्रदेश खनिज नियमों का सीधा उल्लंघन बताया गया है। आरोपों में यह भी शामिल है कि टाइगर रिजर्व क्षेत्र के नदी-नालों से अवैध रेत और मिट्टी खनन कराया गया।
वन्यजीव संरक्षण से जुड़े मामलों में भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। शिकायत में दावा किया गया है कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में रात के समय सफारी कराई गई और बाघों सहित अन्य वन्यजीवों के गायब होने की घटनाओं की निष्पक्ष जांच के लिए ये बिंदु महत्वपूर्ण हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख, मध्यप्रदेश ने जांच के निर्देश दिए हैं। इसके तहत राज्य वन अनुसंधान संस्थान, जबलपुर द्वारा 20 जनवरी 2026 को अपरान्ह 4 बजे जांच निर्धारित की गई है। संबंधित अधिकारियों को सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। पत्र में यह भी उल्लेख है कि शिकायत में शिकायतकर्ता का पता और मोबाइल नंबर नहीं है, ऐसे में उनकी जानकारी होने पर उन्हें जांच की तिथि और समय से अवगत कराया जाए।
वहीं, इस पूरे मामले पर उप संचालक पी.के. वर्मा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि आरोप कोई भी लगा सकता है। जांच होगी तो तथ्य सामने आ जाएंगे और सच्चाई स्पष्ट हो जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि वे सभी आरोपों का जवाब जांच के दौरान देंगे।
