अवैध शराब पर कार्रवाई बनी भारी, पुलिस से भिड़े ढाबा संचालक को अदालत ने सुनाई सख्त सजा
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
अमरपुर चौकी क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री की सूचना पर जांच करने पहुंचे पुलिस आरक्षकों से मारपीट का मामला अब अपने अंजाम तक पहुंच गया है। माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय उमरिया ने इस प्रकरण में सख्त रुख अपनाते हुए दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने शासकीय कार्य में बाधा डालने और पुलिस कर्मियों पर हमला करने के आरोप में अभियुक्तों को कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
मीडिया प्रभारी (अभियोजन) श्री नीरज पाण्डेय के अनुसार चौकी अमरपुर में पदस्थ आरक्षक विश्वनाथ गुर्जर, आरक्षक अभय काछी के साथ अमरपुर रोड किनारे स्थित एक ढाबे पर शराब बिकने की सूचना मिलने पर जांच के लिए पहुंचे थे। मौके पर ढाबा संचालक फैयाज और लल्लू उर्फ मोहम्मद आशिक मौजूद थे, जहां कुछ लोग बैठकर शराब का सेवन कर रहे थे। पुलिस द्वारा मना किए जाने पर आरोपियों ने पहले शराब पीने वालों को वहां से भगा दिया और फिर आरक्षकों से उलझ गए।
बताया गया कि दोनों अभियुक्तों ने गाली-गलौज करते हुए विवाद बढ़ा दिया। इसी दौरान लल्लू उर्फ मोहम्मद आशिक ने लाठी से आरक्षक विश्वनाथ गुर्जर के सिर पर वार किया, जिससे उन्हें पीठ में चोट आई। बीच-बचाव करने पहुंचे आरक्षक अभय काछी को भी पीठ पर चोट पहुंचाई गई। स्थिति बिगड़ती देख चौकी से प्रधान आरक्षक रोहिणी प्रसाद मिश्रा, प्रधान आरक्षक सोहन सिंह और आरक्षक रंजीत सिंह मौके पर पहुंचे और किसी तरह हालात पर काबू पाया।
घटना के बाद थाना इंदवार में रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 353, 332, 186 एवं 34 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान सभी संबंधित पुलिस कर्मियों के बयान दर्ज किए गए और ठोस साक्ष्यों के आधार पर अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया।
प्रकरण में एडीपीओ श्री नीरज पाण्डेय द्वारा की गई सशक्त पैरवी के चलते अभियोजन ने धारा 294 एवं 332/34 के आरोप संदेह से परे प्रमाणित किए। सुनवाई के बाद माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री दीपक कुमार अग्रवाल ने अभियुक्त लल्लू उर्फ मोहम्मद आशिक एवं मोहम्मद फैयाज को धारा 294 में एक-एक माह का सश्रम कारावास व 500 रुपये अर्थदंड तथा धारा 332 में एक-एक वर्ष का कठोर कारावास व 500 रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
