कोदो के भोजन से बिगड़ी तबीयत, सेहरा गांव में एक ही परिवार के चार सदस्य पहुंचा गए अस्पताल
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
जिले के जनपद पंचायत करकेली अंतर्गत ग्राम पंचायत जरहा के सेहरा टोला से स्वास्थ्य को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक ही परिवार के चार लोगों की तबीयत अचानक खराब हो गई। परिजनों का कहना है कि कोदो के कोदई से बना भोजन खाने के बाद सभी को चक्कर, घबराहट और कमजोरी महसूस होने लगी, जिससे गांव में हड़कंप मच गया।
सेहरा गांव निवासी खेमचंद सिंह ने बताया कि गुरुवार को एकादशी व्रत के चलते उनके परिवार में चावल का सेवन नहीं किया गया था। इसके स्थान पर कोदो के कोदई से भात बनाया गया, जिसे पिता, माता, पत्नी और उन्होंने स्वयं खाया। भोजन करने के कुछ ही समय बाद सबसे पहले बुजुर्ग माता-पिता की हालत बिगड़ी। उन्हें तेज घबराहट और असहजता महसूस होने लगी। इसके बाद पत्नी को भी परेशानी शुरू हो गई, जबकि खेमचंद सिंह को चक्कर आने लगे।
स्थिति लगातार बिगड़ती देख परिजनों ने तत्काल 108 एंबुलेंस सेवा को सूचना दी। एंबुलेंस की मदद से सभी को उप स्वास्थ्य केंद्र घुलघुली ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार किया गया। चिकित्सकों ने हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल उमरिया रेफर कर दिया। बीमार पड़े लोगों में काशी सिंह (80 वर्ष), बुधिया बाई (70 वर्ष), खेमचंद सिंह (42 वर्ष) और रामरति सिंह (38 वर्ष) शामिल हैं। फिलहाल सभी का इलाज जिला अस्पताल में जारी है।
यह मामला इसलिए भी ज्यादा चिंता का विषय बन गया है क्योंकि एक दिन पहले ही बुधवार को जरहा स्थित शासकीय विद्यालय में पढ़ने वाले कई छात्रों की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। बच्चों को उल्टी, दस्त और बुखार की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया था। संयोग से यह परिवार उसी विद्यालय के पास स्थित अपने पुश्तैनी मकान में रहता है, जिससे क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
इस संबंध में डॉक्टर के. एल. बघेल ने बताया कि कोदो-कोदई का सेवन करने के बाद एक ही परिवार के कई लोगों की तबीयत खराब हुई है। सभी को एहतियातन जिला अस्पताल रेफर किया गया है और उनकी स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं से ग्रामीणों में भय का माहौल है। लोग अब कोदो जैसे मोटे अनाज की शुद्धता, भंडारण और आपूर्ति को लेकर सवाल उठा रहे हैं और प्रशासन से पूरे मामले की जांच की मांग कर रहे हैं।
