परीक्षा केंद्रों से जेल तक… उमरिया में हायर सेकेंडरी परीक्षा के पहले दिन दिखी अनुशासन, आत्मविश्वास और उम्मीद की तस्वीर
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
जिले में हायर सेकेंडरी परीक्षा की शुरुआत मंगलवार से हुई और पहले ही दिन परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह व्यवस्थित नजर आई। जिले के 45 परीक्षा केंद्रों पर कुल 4,981 छात्र-छात्राओं ने अंग्रेजी विषय की परीक्षा दी। इनमें 4,746 नियमित और 235 स्वाध्यायी विद्यार्थी शामिल रहे। सुबह से ही परीक्षा केंद्रों पर चहल-पहल रही और छात्र निर्धारित समय से पहले पहुंचकर परीक्षा में शामिल हुए।
पहले दिन का माहौल शांत और अनुशासित रहा। प्रवेश से लेकर उत्तर पुस्तिका जमा करने तक सभी प्रक्रियाएं नियमों के अनुसार संपन्न हुईं। परीक्षा समाप्त होने के बाद छात्रों में राहत और संतोष साफ दिखाई दिया। छात्रा अनामिका पासी ने बताया कि अंग्रेजी का प्रश्नपत्र अच्छा और संतुलित था। चारों सेट कठिन नहीं थे और तैयारी के अनुसार सवाल आए, जिससे पूरा पेपर समय पर हल हो गया।
परीक्षा को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा। जिले के तीन परीक्षा केंद्रों को अति संवेदनशील घोषित किया गया है। इनमें शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उमरिया, शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मानपुर और शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पाली शामिल हैं। इन केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल, निगरानी दल और कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या अनुचित गतिविधि को रोका जा सके।
इसी दिन परीक्षा से जुड़ी एक खास और प्रेरक कहानी भी सामने आई। जिला मुख्यालय स्थित पीएम श्री हाई सेकेंडरी स्कूल कालरी में कॉमर्स संकाय का छात्र सृजन जेल में निरुद्ध होने के बावजूद परीक्षा में शामिल हुआ। जेलर डी. के. सारस के अनुसार, सृजन एक आपराधिक मामले में जेल में है, लेकिन उसने अपनी पढ़ाई जारी रखने और भविष्य सुधारने की इच्छा जाहिर की थी। इस पर प्रशासन ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति दी।
जेल प्रशासन ने सृजन को पढ़ाई के लिए आवश्यक किताबें उपलब्ध कराईं और सुरक्षा गार्ड के साथ उसे परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया गया। परीक्षा देकर लौटने के बाद सृजन ने आगे की परीक्षाओं के लिए बेहतर तैयारी करने की बात कही।
कुल मिलाकर, हायर सेकेंडरी परीक्षा का पहला दिन उमरिया जिले में न केवल सुचारू रहा, बल्कि यह संदेश भी दे गया कि शिक्षा हर परिस्थिति में बदलाव की उम्मीद जगाती है। अनुशासन, संवेदनशील प्रशासन और छात्रों का आत्मविश्वास इस परीक्षा की सबसे बड़ी पहचान बना।
