Sidhi news:सिहावल में अवैध रेत माफियाओं का बोलबाला, वायरल वीडियो से खुली मिलीभगत की परतें
रात के अंधेरे में 3–4 वाहनों से उत्खनन की चर्चा, प्रशासनिक अमले पर उठे गंभीर सवाल
राजबहोर केवट सिहावल
Sidhi news:सीधी जिले का सिहावल विधानसभा क्षेत्र एक बार फिर अवैध रेत उत्खनन को लेकर सुर्खियों में है। क्षेत्र में लंबे समय से अवैध उत्खनन और परिवहन की शिकायतें सामने आती रही हैं। इस संबंध में लगातार खबरें प्रकाशित होने के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आई है।
इसी बीच सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो ने पूरे मामले को नई दिशा दे दी है। वीडियो के सामने आने के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है कि बिना प्रशासनिक संरक्षण के इतनी बड़ी स्तर पर अवैध गतिविधियां संचालित होना संभव नहीं है।
रात के अंधेरे में उत्खनन, वाहनों की आवाजाही
स्थानीय सूत्रों के अनुसार बीती रात क्षेत्र के विभिन्न रेत घाटों से 3 से 4 वाहनों के माध्यम से अवैध रेत का उत्खनन और परिवहन किया जा रहा था। इसी दौरान कथित रेत कारोबारियों के बीच आपसी विवाद की स्थिति भी निर्मित हो गई।
बताया जा रहा है कि कुछ लोगों के वाहन न चल पाने से वे आक्रोशित हो उठे और अवैध रेत से भरे वाहनों के सामने अपनी निजी बोलेरो खड़ी कर दी। मौके पर गाली-गलौज और तीखी बहस के बीच किसी ने घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और क्षेत्र में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।
प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल
Sidhi news:जब अवैध उत्खनन की गतिविधियां लंबे समय से जारी हैं, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि संबंधित विभाग और प्रशासनिक अमला अब तक प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं कर पाया।
स्थानीय स्तर पर चर्चाएं हैं कि अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों द्वारा कथित रूप से “गांधी ब्रांड कमीशन” समय-समय पर पहुंचा दिया जाता है, जिसके चलते जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी आंखें मूंदे रहते हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन वायरल वीडियो ने इन चर्चाओं को और बल दे दिया है।
मोबाइल बातचीत में चौंकाने वाला दावा
कथित रूप से अवैध रेत कारोबार से जुड़े कुछ लोगों से मोबाइल पर हुई बातचीत में उन्होंने दावा किया कि पूरा खेल प्रशासनिक मिलीभगत से ही संचालित हो रहा है। इतना ही नहीं, उनके अनुसार इस संबंध में उनके पास कथित तौर पर कुछ रिकॉर्डिंग भी मौजूद हैं, जिनमें अधिकारियों और घाट संचालन से जुड़े लोगों की बातचीत दर्ज है।
यदि इन दावों में सच्चाई है, तो यह मामला और गंभीर हो सकता है।
विभाग और पुलिस पर भी प्रश्नचिह्न
खुलेआम वाहनों की आवाजाही और घाटों पर गतिविधियों को देखते हुए यह मानना कठिन है कि संबंधित विभागीय अमले और पुलिस को इसकी जानकारी न हो। यही कारण है कि अब स्थानीय लोग खुलकर कहने लगे हैं—
“दाल काली नहीं, पूरी की पूरी दाल ही काली है।”
प्रशासन की प्रतिक्रिया
वायरल वीडियो के संबंध में जब चौकी प्रभारी सिहावल, पुष्पेंद्र सिंह बघेल से दूरभाष पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया—
“मैं अभी नया आया हूं, क्षेत्र के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर रहा हूं। पता लगाया जा रहा है कि अवैध उत्खनन कहां-कहां हो रहा है। मेरे रहते इस प्रकार का अवैध उत्खनन नहीं होने दिया जाएगा।”
अब निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर
Sidhi news:वायरल वीडियो के माध्यम से अवैध गतिविधियों की प्रमाणिकता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष और ठोस कार्रवाई करता है या फिर यह सिलसिला पूर्व की भांति जारी रहता है।
फिलहाल, सिहावल क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन का मुद्दा एक बार फिर जनचर्चा के केंद्र में है और स्थानीय जनता प्रशासन से सख्त कदम उठाने की अपेक्षा कर रही है।
