वर्दी का नाम, ठगी का काम, पूर्व एसडीओपी के नाम पर फेसबुक खेल, पढ़े पूरी खबर
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
जिले में एक बार फिर साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं। इस बार निशाना बने हैं निवर्तमान एसडीओपी डॉ. नागेंद्र सिंह। उनके नाम से फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर लोगों को मैसेंजर के जरिए सस्ते घरेलू सामान बेचने का लालच दिया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, बीते माह डॉ. नागेंद्र सिंह का तबादला उमरिया से बेरछा हो चुका है। इसी बीच किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके नाम और पद का इस्तेमाल करते हुए सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बना ली। इस आईडी से लोगों को एक जैसा संदेश भेजा जा रहा है।
मैसेज में लिखा है कि मेरा दोस्त संतोष कुमार, जो सीआरपीएफ कैंप में अधिकारी है, ड्यूटी ट्रांसफर पर जा रहा है। वह अपने घर का सेकेंड हैंड फर्नीचर बहुत सस्ते दाम में बेच रहा है। सामान अच्छी हालत में है, चाहें तो ले सकते हैं।

संदेश की भाषा टूटी-फूटी अंग्रेजी में है, लेकिन पद और वर्दी का नाम देखकर कई लोग भरोसा कर लेते हैं। ठग इसी भरोसे का फायदा उठाना चाहते हैं। पहले बातचीत आगे बढ़ाई जाती है, फिर एडवांस पेमेंट या ऑनलाइन ट्रांसफर की मांग की जाती है।
इस मामले में जब डॉ. नागेंद्र सिंह से बात की गई तो उन्होंने साफ कहा कि जैसे ही मामला उनके संज्ञान में आया, उन्होंने तत्काल शिकायत दर्ज करा दी है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि उनके नाम से बनी किसी भी सोशल मीडिया आईडी पर भरोसा न करें और किसी भी तरह का लेनदेन बिल्कुल न करें।
गौरतलब है कि इससे पहले उमरिया कलेक्टर धरणेंद्र कुमार जैन के नाम से भी इसी तरह फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर लोगों को ठगने की कोशिश की गई थी। तब भी प्रशासन को दखल देना पड़ा था।
सवाल यह है कि आखिर बार-बार अधिकारियों के नाम का दुरुपयोग कैसे हो रहा है? साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों की जानकारी आसानी से उपलब्ध होती है। ठग उन्हीं की फोटो और नाम उठाकर भरोसे का जाल बुनते हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी अधिकारी, सैनिक या सरकारी कर्मचारी के नाम से आने वाले ऐसे प्रस्तावों से सतर्क रहें। प्रोफाइल की जांच करें और संदिग्ध मैसेज की सूचना तुरंत साइबर सेल को दें।


