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भुगतान विवाद को लेकर ठेकेदार के आरोप, अधिकारी ने बताया निराधार

Tapas Gupta

By Tapas Gupta

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भुगतान विवाद को लेकर ठेकेदार के आरोप, अधिकारी ने बताया निराधार

उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)

जिले के बिरसिंहपुर स्थित संजय गांधी ताप विद्युत गृह में एक ठेकेदार द्वारा विभागीय अधिकारी पर रिश्वत मांगने और मानसिक प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। ऑफिस क्लीनिंग सर्विस से जुड़े इस विवाद ने विभागीय कार्यप्रणाली और भुगतान प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, बिरसिंहपुर निवासी मकबूल खान, प्रोपराइटर एम के ट्रेडर्स, ने विभाग के उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया है कि उन्होंने कार्यादेश क्रमांक 511-0100/SGTPS/P&W/ENIT-14/2022 के तहत ऑफिस क्लीनिंग सर्विस का कार्य पूरी निष्ठा के साथ पूरा किया था। यह कार्य अवधि 6 मार्च 2024 से 5 जून 2025 तक रही।

मकबूल खान का कहना है कि विभागीय निर्देशों के अनुसार उन्होंने श्रमिकों को लगभग 15 माह का बढ़ा हुआ एरियर्स भुगतान भी अपनी आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद कर दिया। उन्होंने दावा किया कि किसी भी श्रमिक का वेतन या भुगतान लंबित नहीं है तथा सभी आवश्यक दस्तावेज विभाग में जमा किए जा चुके हैं। इसके बावजूद उनका लगभग 3 लाख 15 हजार रुपये का भुगतान रोका गया है।

शिकायत पत्र में उन्होंने अधीक्षण अभियंता सर्विसेज-1 वीरेंद्र कुमार सिंह बघेल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिल पास करने के एवज में उनसे 15 हजार रुपये रिश्वत मांगी गई। मकबूल खान के अनुसार, जब उन्होंने बार-बार भुगतान जारी करने का अनुरोध किया तो उन्हें कथित रूप से अपमानित किया गया और कहा गया कि “जहां शिकायत करना हो कर दो, बिना पैसा बिल पास नहीं होगा।”

ठेकेदार ने यह भी कहा कि श्रमिकों का भुगतान करने के लिए उन्हें कर्ज लेना पड़ा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। लगातार बढ़ते कर्ज, सामाजिक दबाव और विभागीय प्रताड़ना के कारण वह मानसिक तनाव में जीवन जी रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो वह लोकायुक्त, भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसियों और न्यायालय की शरण लेने को मजबूर होंगे।

वहीं, इस पूरे मामले में अधीक्षण अभियंता सर्विसेज-1 वीरेंद्र कुमार सिंह ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि संबंधित ठेकेदार का बिल चार दिन पहले ही पास किया जा चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रिश्वत मांगने जैसी कोई बात नहीं हुई। अधिकारी के अनुसार, मकबूल खान ने विभाग के दो कर्मचारियों से पैसे उधार लिए थे और कर्मचारी उनसे अपना पैसा वापस दिलाने का आग्रह कर रहे थे। इसी बात को लेकर ठेकेदार ने नाराज होकर झूठे आरोप लगाए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पास संबंधित कर्मचारियों के लिखित दस्तावेज और सबूत मौजूद हैं।

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मै तपस गुप्ता 9 सालों से लगातार पत्रकारिता मे सक्रिय हूं, समय पर और सटीक जानकारी उपलब्ध कराना ही मेरी पहली प्राथमिकता है। मो-7999276090

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