आवेदन, इलाज और सम्मान; उमरिया जनसुनवाई बनी आमजन का सहारा
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
जिले में जनसुनवाई अब केवल शिकायत सुनने तक सीमित नहीं रही, बल्कि आम लोगों की सुविधा और संवेदनशील प्रशासन का उदाहरण बनती नजर आ रही है। कलेक्टर राखी सहाय की नई पहल ने जनसुनवाई के स्वरूप को पूरी तरह बदल दिया है। दूर-दराज के गांवों से अपनी समस्याएं लेकर आने वाले लोगों को अब न केवल प्राथमिकता के साथ सुना जा रहा है, बल्कि उनके स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा जा रहा है।

मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में इस बार एक अलग ही व्यवस्था देखने को मिली। कलेक्ट्रेट पहुंचने वाले बुजुर्ग, महिलाएं और ग्रामीण सबसे पहले स्वास्थ्य परीक्षण केंद्र पर पहुंचे, जहां उनका ब्लड प्रेशर, शुगर सहित सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। गर्मी के मौसम को देखते हुए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था भी प्रशासन की ओर से कराई गई, जिससे लोगों को राहत मिली।

इस संबंध में ज्वाइंट कलेक्टर अमित सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि कलेक्टर राखी सहाय के निर्देश पर जनसुनवाई को अधिक मानवीय और सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले लोग अपनी शिकायत तो लेकर आते हैं, लेकिन आवेदन लिखकर नहीं ला पाते। ऐसे लोगों की मदद के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में आवेदन लिखवाने की विशेष सुविधा शुरू की गई है, ताकि कोई भी व्यक्ति केवल जानकारी के अभाव में अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाने से वंचित न रहे।

जनसुनवाई में पहुंचे लोगों ने भी इस पहल की खुलकर सराहना की। ग्रामीणों का कहना है कि पहली बार उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि प्रशासन केवल औपचारिकता नहीं निभा रहा, बल्कि वास्तव में उनकी परेशानियों को समझने और समाधान देने का प्रयास कर रहा है। बुजुर्गों और महिलाओं के लिए यह व्यवस्था विशेष रूप से राहतभरी साबित हो रही है।
कलेक्टर राखी सहाय की यह पहल प्रशासनिक कार्यशैली में संवेदनशीलता और नवाचार का उदाहरण मानी जा रही है। जहां अक्सर सरकारी दफ्तरों में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है, वहीं उमरिया में जनसुनवाई का यह नया स्वरूप लोगों के बीच भरोसा पैदा कर रहा है। जिले में इस पहल की चर्चा अब गांव-गांव तक पहुंच रही है और लोग इसे आमजन के हित में उठाया गया सराहनीय कदम बता रहे हैं।


