---Advertisement---

राष्ट्रपति को चेतावनी भरा पत्र,घेरा डालो, डेरा डालो आंदोलन की हुंकार, शहडोल-धुनधुटी हाईवे जाम करने का ऐलान

Tapas Gupta

By Tapas Gupta

Published on:

---Advertisement---

राष्ट्रपति को चेतावनी भरा पत्र,घेरा डालो, डेरा डालो आंदोलन की हुंकार, शहडोल-धुनधुटी हाईवे जाम करने का ऐलान

उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)

“घेरा डालो, डेरा डालो “आंदोलन चलाया जाएगा और जरूरत पड़ी तो शहडोल-धुनधुटी राष्ट्रीय राजमार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। यह चेतावनी भारतीय किसान संघ ने राष्ट्रपति के नाम भेजे गए विस्तृत शिकायत पत्र में दी है। संगठन ने आरोप लगाया है कि पाली तहसील के धुनधुटी और पतनारकला क्षेत्र में प्रस्तावित कोयला परियोजनाओं के मामले में किसानों और आदिवासियों के हितों की अनदेखी की जा रही है तथा निजी कंपनियां प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से अपनी मनमानी कर रही हैं।

भारतीय किसान संघ ने राष्ट्रपति को भेजे पत्र में कहा है कि उमरिया आदिवासी बाहुल्य जिला है, जहां हजारों किसान अपनी जमीन और आजीविका पर निर्भर हैं। संगठन का दावा है कि जिले में उसके करीब 10 हजार पंजीकृत सदस्य, 267 ग्राम समितियां और सात तहसील इकाइयां किसानों के हितों के लिए लगातार कार्य कर रही हैं, लेकिन किसानों की शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है।

पत्र में पाली तहसील के धुनधुटी और पतनारकला क्षेत्र में प्रस्तावित बजरंग पावर कंपनी की परियोजना से जुड़ी 29 मई 2026 की पर्यावरण जनसुनवाई पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। किसान संघ का आरोप है कि जनसुनवाई निष्पक्ष नहीं थी और अधिकारियों ने ग्रामीणों की आपत्तियों को गंभीरता से नहीं सुना। संगठन का कहना है कि पूरी प्रक्रिया केवल औपचारिकता बनकर रह गई तथा समर्थन में ऐसे लोगों के दस्तावेज प्रस्तुत कराए गए, जिन्हें विषय की पूरी जानकारी तक नहीं थी।

संघ ने यह भी आरोप लगाया है कि जनसुनवाई समाप्त होने के बाद संबंधित अधिकारी कंपनी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए, जिससे पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर संदेह पैदा होता है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि जिन क्षेत्रों को पहले वन्यजीवों की दृष्टि से संवेदनशील माना गया था, अब वहीं खनन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। संगठन का दावा है कि इससे 70 हजार से अधिक पेड़ों की कटाई और भू-जल स्तर पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

भारतीय किसान संघ ने राष्ट्रपति से मांग की है कि परियोजना से जुड़े सभी दस्तावेजों और पर्यावरण संबंधी प्रक्रियाओं की स्वतंत्र जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो और किसानों को उचित मुआवजा, विवादित भूमि का सीमांकन, स्थानीय लोगों को रोजगार तथा सिंचाई जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।

वहीं, किसान संघ के जिला अध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि संगठन ने पूरे मामले से राष्ट्रपति को अवगत कराते हुए विस्तृत पत्र भेजा है। उन्होंने कहा कि यदि हमारी मांगों की अनदेखी की गई तो भारतीय किसान संघ आने वाले समय में ‘घेरा डालो, डेरा डालो’ आंदोलन शुरू करेगा। किसानों के हितों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।

पत्र के अंत में भारतीय किसान संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन और शासन ने किसानों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो आंदोलन के तहत शहडोल-धुनधुटी राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद करने सहित बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए जा सकते हैं। संगठन ने कहा है कि ऐसी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी तथा किसानों को न्याय मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

Tapas Gupta

Tapas Gupta

मै तपस गुप्ता 9 सालों से लगातार पत्रकारिता मे सक्रिय हूं, समय पर और सटीक जानकारी उपलब्ध कराना ही मेरी पहली प्राथमिकता है। मो-7999276090

---Advertisement---
यह भी पढ़ें कोतवाली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 1.100 किलो अवैध गांजा के साथ महिला तस्कर गिरफ्तार
कोतवाली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 1.100 किलो अवैध गांजा के साथ महिला तस्कर गिरफ्तार

Sidhi news:पुलिस अधीक्षक सीधी संतोष कोरी के कुशल निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमला...

Share & Earn