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परंपरा और आधुनिकता का संगम,gold के आभूषणों की नई डिजाइन ने जीता महिलाओं का दिल

Manoj Shukla

By Manoj Shukla

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परंपरा और आधुनिकता का संगम,gold के आभूषणों की नई डिजाइन ने जीता महिलाओं का दिल

gold के आभूषण भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा हैं। चाहे शादी-ब्याह हो, त्योहार हो या फिर कोई पारिवारिक उत्सव – गहनों के बिना भारतीय नारी की सजधज अधूरी मानी जाती है। सोने की बालियां, मंगलसूत्र और कंगन न सिर्फ स्त्री की सुंदरता को निखारते हैं बल्कि उनके सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व भी हैं। हाल ही में सामने आए कुछ शानदार डिजाइन ने बाजार में धूम मचा दी है। तस्वीर में दिख रहे ये गहने – बालियां, भव्य बाली (कड़ा शैली) और मंगलसूत्र – अपनी कलात्मक कारीगरी और पारंपरिक अहमियत के कारण महिलाओं के आकर्षण का केंद्र बन गए हैं।

बालियों की विविधता और आकर्षण

तस्वीर में पांच अलग-अलग तरह की बालियां नज़र आ रही हैं, जिनकी कीमत 3200 से 4300 रुपये तक है।

पहली बाली (₹3300) और दूसरी बाली (₹3600) सरल लेकिन खूबसूरत डिजाइन वाली हैं। ये रोजमर्रा के पहनावे के लिए उपयुक्त मानी जाती हैं।

तीसरी (₹4300) और चौथी बाली (₹3200) में छोटे-छोटे लटकन (झुमकीनुमा) लगे हुए हैं, जो पारंपरिक स्पर्श देते हैं।

इन बालियों की खासियत यह है कि इन्हें बेहद बारीकी से तैयार किया गया है। कारीगर हाथ से सोने की तारों को मोड़कर गोलाई देते हैं, फिर उसमें छोटे-छोटे झूलते हुए gold डिजाइन जोड़ते हैं। इनसे न सिर्फ चेहरे की सुंदरता निखरती है बल्कि पहनने वाली की शख्सियत में एक अलग चमक भी आ जाती है।

कंगन शैली की बड़ी बाली (₹32,000)

हथेली पर रखी बड़ी बाली जिसे कंगन शैली भी कहा जा सकता है, इसकी कीमत 32,000 रुपये है। यह डिजाइन विशेष रूप से त्यौहार और शादियों के लिए बनाई जाती है। इसमें चारों ओर लटकन और झूमर जैसी बारीक नक्काशी की गई है, जो पहनने पर कानों को भव्य और आकर्षक रूप देती है। यह बाली पारंपरिक कारीगरी की उत्कृष्ट मिसाल है।

मंगलसूत्र – वैवाहिक जीवन का प्रतीक (₹45,000)

हथेली के निचले हिस्से में दिख रहा मंगलसूत्र इस कलेक्शन का सबसे महत्वपूर्ण और महंगा आभूषण है, जिसकी कीमत 45,000 रुपये है। हिंदू परंपरा में मंगलसूत्र का विशेष महत्व है। विवाह के बाद यह स्त्री के लिए सिर्फ गहना नहीं बल्कि जीवनसाथी के बंधन और वैवाहिक पवित्रता का प्रतीक माना जाता है।

इस मंगलसूत्र की डिजाइन बेहद अनोखी है। इसमें ऊपर की ओर दो पक्षी और बीच में जटिल नक्काशीदार पैटर्न उकेरा गया है। नीचे की ओर लटकते हुए सोने के पत्तियों जैसे डिजाइन इसे और अधिक भव्य बनाते हैं। इसे बनाने में महीन औजारों और हाथ की कारीगरी का उपयोग किया जाता है। हर रेखा और आकृति एक अलग कहानी कहती है।

डिजाइन और निर्माण की कला

इन gold आभूषणों को बनाने में पारंपरिक तकनीक और आधुनिकता का मेल दिखाई देता है। कारीगर सोने को पिघलाकर पतली तारों और प्लेटों के रूप में ढालते हैं। फिर इन पर महीन नक्काशी, झूमर और लटकन का काम किया जाता है। सोने की सतह को चिकना बनाने और चमक बढ़ाने के लिए विशेष घिसाई की जाती है। यही वजह है कि हर डिजाइन अलग और खास नजर आता है।

महत्व और भावनात्मक जुड़ाव

बाली – रोजमर्रा की सुंदरता और सरलता का प्रतीक।

बड़ी बाली/कंगन शैली – पारंपरिक अवसरों पर शाही अंदाज प्रदान करने वाली।

मंगलसूत्र – भारतीय स्त्री के लिए वैवाहिक जीवन का सबसे महत्वपूर्ण आभूषण।

निष्कर्ष

यह कलेक्शन न सिर्फ फैशन और स्टाइल का हिस्सा है बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और कारीगरी की अनमोल झलक भी पेश करता है। सोने के इन आभूषणों की खासियत यह है कि ये हर अवसर पर महिलाओं की सुंदरता को कई गुना बढ़ा देते हैं। ऐसे शानदार डिजाइनों के जरिए कारीगर न केवल अपनी कला का परिचय देते हैं बल्कि समाज को यह भी याद दिलाते हैं कि गहने केवल आभूषण नहीं बल्कि संस्कृति और भावनाओं की धरोहर हैं।

Manoj Shukla

Manoj Shukla

मै मनोज कुमार शुक्ला 9 सालों से लगातार पत्रकारिता मे सक्रिय हूं, समय पर और सटीक जानकारी उपलब्ध कराना ही मेरी पहली प्राथमिकता है।

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