घुंघुटी में प्रस्तावित कॉलरी के विरोध में किसानों का बिगुल, 21 जुलाई को कलेक्टर घेराव का ऐलान
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
जिले के घुंघुटी क्षेत्र में प्रस्तावित कॉलरी परियोजना को लेकर किसानों का विरोध तेज होता जा रहा है। भारतीय किसान संघ ने भूमि अधिग्रहण, मुआवजा और रोजगार जैसे मुद्दों को लेकर 21 जुलाई को उमरिया कलेक्टर कार्यालय के घेराव का ऐलान किया है। संगठन का दावा है कि इस आंदोलन में जिले के विभिन्न गांवों से सैकड़ों किसान शामिल होंगे और प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें मजबूती से रखेंगे।
भारतीय किसान संघ द्वारा जारी आह्वान में “जमीन हमारी, फैसला हमारा” का नारा देते हुए किसानों से बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल होने की अपील की गई है। संगठन का कहना है कि कॉलरी कंपनी की कथित मनमानी और प्रशासनिक स्तर पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी के कारण ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

किसान संघ का आरोप है कि प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में प्रभावित किसानों के हितों की अनदेखी की जा रही है। किसानों का कहना है कि उनकी कृषि भूमि ही आजीविका का मुख्य साधन है और बिना सहमति तथा उचित मुआवजे के भूमि अधिग्रहण स्वीकार नहीं किया जाएगा। संगठन ने मांग की है कि प्रभावित किसानों को न्यायोचित मुआवजा, परिवार के योग्य सदस्यों को रोजगार तथा सभी वैधानिक अधिकार सुनिश्चित किए जाएं।
आंदोलन को लेकर संगठन ने प्रशासनिक अधिकारियों पर भी सवाल उठाए हैं। किसान संघ का आरोप है कि कॉलरी कंपनी और कुछ अधिकारियों की मिलीभगत के कारण किसानों की शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं हो रही है। संगठन ने कथित भ्रष्टाचार और प्रशासनिक मिलीभगत की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई है।
भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि 21 जुलाई को बड़ी संख्या में किसान उमरिया पहुंचकर शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों का ज्ञापन प्रशासन को सौंपेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों की लड़ाई केवल जमीन की नहीं, बल्कि उनके भविष्य और सम्मान की भी है।

घुंघुटी क्षेत्र में प्रस्तावित कॉलरी परियोजना को लेकर बढ़ते विरोध के बीच अब सभी की नजर 21 जुलाई को होने वाले किसान जन आक्रोश आंदोलन पर टिकी हुई है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन किसानों की मांगों पर क्या रुख अपनाता है और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की दिशा में क्या कदम उठाए जाते हैं।


