कलेक्ट्रेट के मोहन सभागार में युवती की रील से मचा बवाल, वायरल वीडियो के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
सरकारी कार्यालयों में सोशल मीडिया रील बनाने का बढ़ता चलन अब प्रशासन के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। ताजा मामला जिले के कलेक्ट्रेट स्थित मोहन सभागार का है, जहां एक युवती द्वारा फोटो जोड़कर बनाई गई रील सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। यह वही सभागार है, जहां जिले के वरिष्ठ अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित होती हैं और आम नागरिकों की पहुंच सामान्यतः प्रतिबंधित रहती है।
जानकारी के अनुसार, वायरल रील सभागार के अंदर ली गई अलग-अलग तस्वीरों को जोड़कर तैयार की गई है। रील में युवती ने इन तस्वीरों को ‘चंबल की डाकू’ गाने के साथ सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जिसके बाद वीडियो तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बन गया कि आखिर बिना अनुमति कोई व्यक्ति मोहन सभागार तक कैसे पहुंच गया।
इस घटना ने सरकारी परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं कि जहां महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठकें होती हैं, वहां किसी बाहरी व्यक्ति का पहुंचकर फोटो लेना और रील बनाना आखिर कैसे संभव हो गया। लोगों का कहना है कि यदि इस तरह की लापरवाही जारी रही तो संवेदनशील सरकारी परिसरों की सुरक्षा पर भी खतरा पैदा हो सकता है।
वहीं, कलेक्ट्रेट परिसर में अपनी समस्याओं को लेकर आने वाले आम नागरिकों को कई बार अधिकारियों से मिलने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में सभागार के भीतर रील बनाए जाने की घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन पर नई बहस छेड़ दी है।
मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने तत्काल जांच शुरू कर दी है। प्रभारी कलेक्टर अक्षत जैन ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि युवती मोहन सभागार तक कैसे पहुंची। पूरे घटनाक्रम की जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी सरकारी परिसर का निजी उपयोग किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा सुरक्षा व्यवस्था में यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

