कन्या विवाह योजना पर सियासत, 24 में सिर्फ 4 आवेदन मंजूर होने का आरोप,कार्यक्रम पर भी संशय
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के तहत 29 जून को पाली जनपत अंतर्गत सामुदायिक भवन अमिलिहा में प्रस्तावित सामूहिक विवाह कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही राजनीतिक विवादों में घिर गया है। नगर पालिका पाली क्षेत्र में पात्र हितग्राहियों की संख्या को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं, वहीं जनपद पंचायत प्रशासन का कहना है कि शासन से मिले लक्ष्य और ऑनलाइन पोर्टल की प्रक्रिया के कारण स्थिति बनी है।

नगर पालिका पाली की नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस नेता संजीव खंडेलवाल ने आरोप लगाया कि नगर पालिका क्षेत्र से मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के लिए कुल 24 आवेदन प्रस्तुत किए गए थे, लेकिन इनमें से केवल 4 जोड़ों को ही कार्यक्रम में शामिल किया गया। उनका कहना है कि यदि अधिकांश पात्र आवेदकों को योजना का लाभ ही नहीं मिल पा रहा है तो फिर इस तरह के आयोजन का औचित्य क्या रह जाता है।
खंडेलवाल ने आरोप लगाया कि सरकार योजनाओं का व्यापक प्रचार तो करती है, लेकिन पात्र हितग्राहियों को लाभ देने में गंभीरता नहीं दिखाई जा रही। उन्होंने मांग की कि सभी पात्र आवेदनों की निष्पक्ष जांच कर अधिक से अधिक जोड़ों को योजना का लाभ दिया जाए, ताकि किसी भी जरूरतमंद परिवार के साथ भेदभाव न हो।
इधर, इस पूरे मामले पर पाली जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) कुंवर कन्हाई ने अलग तस्वीर पेश की। उन्होंने बताया कि पाली जनपद क्षेत्र से मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के लिए 300 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। हालांकि शासन स्तर से जनपद को फिलहाल केवल 32 जोड़ों का लक्ष्य मिला है।
सीईओ ने बताया कि वर्तमान में ऑनलाइन पोर्टल पर अभी तक केवल 6 जोड़ों का ही सत्यापन और अनुमोदन दिखाई दे रहा है। जब तक पोर्टल पर सभी 32 पात्र जोड़ों की प्रविष्टि पूर्ण नहीं हो जाती, तब तक सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित करना संभव नहीं होगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि रविवार रात 12 बजे तक ऑनलाइन पोर्टल पर आवश्यक संख्या पूरी नहीं होती है तो 29 जून को प्रस्तावित सामूहिक विवाह कार्यक्रम को स्थगित भी किया जा सकता है। अंतिम निर्णय शासन के दिशा-निर्देश और पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर लिया जाएगा।
अब एक ओर कांग्रेस पात्र हितग्राहियों की अनदेखी का आरोप लगा रही है, तो दूसरी ओर प्रशासन तकनीकी प्रक्रिया और सीमित लक्ष्य का हवाला दे रहा है। ऐसे में सबकी नजर रविवार रात तक पोर्टल पर पूरी होने वाली प्रक्रिया और प्रशासन के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है।


