पाली का हिल स्टेशन बन रहा पत्थरों की खदान
छोट तुम्मी के पहाड़ों पर अवैध उत्खनन का खेल, जिम्मेदार विभाग मौन
उमरिया तपस गुप्ता
जिले के बिरसिंहपुर पाली क्षेत्र का छोट तुम्मी कभी अपनी प्राकृतिक खूबसूरती, हरियाली और पहाड़ी वादियों के कारण पाली का हिल स्टेशन कहलाता था। यहां की ठंडी हवा और शांत वातावरण लोगों को आकर्षित करता था, लेकिन अब यही इलाका अवैध उत्खनन की वजह से अपनी पहचान खोता नजर आ रहा है।
क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पत्थरों का अवैध उत्खनन जारी है। बड़े-बड़े पहाड़ों को मशीनों से काटकर खाई के स्वरूप में बदला जा रहा है। जहां कभी हरियाली और प्राकृतिक दृश्य दिखाई देते थे, वहां अब टूटे पत्थरों के ढेर और गहरी खाइयां नजर आने लगी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उत्खनन का काम लगातार जारी रहता है और रात के समय भी भारी वाहनों की आवाजाही बनी रहती है।
बताया जा रहा है कि उत्खनन के बाद पत्थरों को नजदीकी क्रेशरों तक पहुंचाया जाता है, जहां उनका उपयोग गिट्टी और अन्य निर्माण सामग्री तैयार करने में किया जाता है। क्षेत्र से लगातार पत्थरों से भरे वाहन गुजरते देखे जा सकते हैं। इससे पर्यावरण पर गंभीर असर पड़ रहा है। पहाड़ों के कटने से जलस्रोतों और वन क्षेत्र पर भी खतरा बढ़ने लगा है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इतने बड़े स्तर पर चल रहे इस अवैध कारोबार की जानकारी जिम्मेदार विभागों को क्यों नहीं है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खनिज विभाग सहित संबंधित अधिकारी पूरे मामले से अनजान नहीं हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर अब तक कोई ठोस कदम दिखाई नहीं दिया।
प्राकृतिक सुंदरता के लिए पहचाना जाने वाला छोट तुम्मी अब धीरे-धीरे पत्थरों की खदान में बदलता जा रहा है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र अपनी प्राकृतिक पहचान पूरी तरह खो सकता है। अब लोगों की नजर प्रशासन पर टिकी है कि आखिर कब इस अवैध उत्खनन पर रोक लगेगी।


