Sidhi news:रिहायशी इलाके में भालू की दस्तक से दहशत, मधुमक्खी का छत्ता बना वजह, भगवार गांव में रातभर मचा हड़कंप
Sidhi news:सीधी जिले के संजय टाइगर रिजर्व अंतर्गत मोहन रेंज से लगे जंगल के किनारे स्थित मुख्यालय कुसमी की ग्राम पंचायत भगवार में रविवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक जंगली भालू रिहायशी इलाके में घुस आया। घटना रात करीब 9 बजे की बताई जा रही है, जब भालू हरिजन बस्ती तक पहुंच गया और लोगों में दहशत का माहौल बन गया।
वही ग्रामीणों के अनुसार, बस्ती के पास एक घर के समीप पीपल का पुराना पेड़ स्थित है, जिस पर मधुमक्खियों का बड़ा छत्ता लगा हुआ था। बताया जा रहा है कि मधुमक्खी के छत्ते से निकलने वाले रस की तलाश में भालू पीपल के पेड़ पर चढ़ गया। कुछ देर तक भालू पेड़ पर ही मौजूद रहा और छत्ते से रस खाता रहा। इसी दौरान मधुमक्खियों की भनभनाहट और पेड़ की हलचल से आसपास के लोगों को कुछ असामान्य होने का आभास हुआ।
साथ ही जैसे ही भालू पेड़ से नीचे उतरा, गांव वालों की नजर उस पर पड़ गई। भालू को देखते ही मुहल्ले में हल्ला-गुहार मच गई। लोग घरों से बाहर निकल आए, किसी ने टॉर्च जलाई तो किसी ने शोर मचाकर भालू को भगाने की कोशिश की। अचानक हुए शोर-शराबे से घबराया भालू गांव के बीच ज्यादा देर नहीं रुका और नदी की दिशा में भागते हुए जंगल की ओर चला गया।
Sidhi news:गनीमत रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन भालू के रिहायशी क्षेत्र में पहुंचने से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब जंगली जानवर गांव की सीमा तक पहुंचे हों। जंगल से सटे होने के कारण अक्सर वन्य जीवों की आवाजाही बनी रहती है।
वही ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाए और ऐसे इंतजाम किए जाएं, जिससे जंगली जानवर गांव के भीतर न आ सकें। वहीं, जानकारों का मानना है कि जंगलों में भोजन की कमी और मानव गतिविधियों के बढ़ने के कारण वन्य जीव रिहायशी इलाकों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में ऐसी घटनाएं और भी गंभीर रूप ले सकती हैं।
