बीएमओ की कार्यशैली पर सवाल, पाली अस्पताल में बदइंतजामी चरम पर
बिरसिंहपुर पाली तपस गुप्ता (7999276090)
जिले के पाली का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इन दिनों अपनी अव्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में है, लेकिन इस बार सवाल सीधे बीएमओ की कार्यशैली पर उठ रहे हैं। अस्पताल में हालात ऐसे बन चुके हैं कि कभी डॉक्टर नहीं मिलते, तो कभी जरूरी जांच किट उपलब्ध नहीं होती, और अब बीते 5 दिनों से टेटनस (टीटी) का इंजेक्शन भी खत्म है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में इलाज कराना अब किसी चुनौती से कम नहीं रह गया है। छोटे-छोटे घाव या सामान्य जांच के लिए आने वाले मरीजों को भी या तो बिना इलाज लौटना पड़ता है या फिर निजी क्लिनिक का रुख करना पड़ता है। इससे गरीब और ग्रामीण मरीजों की परेशानी और बढ़ गई है।
सूत्र बताते हैं कि जब से पुटटू लाल सागर ने बीएमओ का पद संभाला है, तब से अस्पताल की व्यवस्थाएं लगातार बिगड़ती नजर आ रही हैं। बीएमओ की अस्पताल में नियमित उपस्थिति भी सवालों के घेरे में है। आरोप है कि वे बहुत कम ही अस्पताल आते हैं और जब भी शहडोल से आते हैं तो सीधे निरीक्षण करने की बजाय अपने पाली आवास पर बैठकर फाइलें निपटाकर लौट जाते हैं। फिर कई दिनों तक उनके दर्शन तक नहीं होते और अगर कॉल में पूछा जाता है तो फील्ड या मीटिंग में होना बताते हैं।
बीएमओ की इस कार्यशैली का सीधा असर अस्पताल की व्यवस्था पर पड़ा है। न तो दवाइयों की सही उपलब्धता सुनिश्चित हो पा रही है और न ही स्टाफ की जवाबदेही तय हो रही है। परिणामस्वरूप, मरीजों को समय पर इलाज और आवश्यक सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
पाली अस्पताल की बिगड़ती स्थिति अब स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जिम्मेदार अधिकारी समय पर अस्पताल में मौजूद रहकर निगरानी करें, तो व्यवस्थाओं में सुधार संभव है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और पाली अस्पताल की बदहाल व्यवस्था को सुधारने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल, अस्पताल में मरीजों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है।


